1 जून 2014 - 20:31
सऊदी अरब में जनता के अधिकारों का हनन चरम पर।

सऊदी अरब में सरकारी पॉलीसियों पर विरोध करने वालों को तीन साल का समय गुज़र जाने के बाद भी सऊदी सरकार की तरफ़ से ख़राब व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है और इलाक़े के प्राकृतिक स्रोतों से होने वाली आय मे से उन्हें कुछ भी नहीं मिलता है।

सऊदी अरब में सरकारी पॉलीसियों पर विरोध करने वालों को तीन साल का समय गुज़र जाने के बाद भी सऊदी सरकार की तरफ़ से ख़राब व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है और इलाक़े के प्राकृतिक स्रोतों से होने वाली आय मे से उन्हें कुछ भी नहीं मिलता है। रिपोर्ट के अनुसार 2011 से सऊदी अरब के पश्चिमी इलाक़ों में शुरू होने वाले विरोध प्रदर्शन के बाद इन इलाक़ों में घुटन तनाव और सुरक्षा फ़ौजों की तैनाती और उनके द्वारा डर पैदा किये जाने का माहौल हो गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सीन साल का समय गुज़र जाने के बाद भी क़तीफ़ के सभी इलाक़ों में जगह जगह चेक पोस्ट स्थापित कर रखे हैं। क़तीफ़ में एक राजनीतिक लीडर नें कहा कि यह क्षेत्र तेल की दैलत से मालामाल है लेकिन सरकार नें इस क्षेत्र की तरक़्क़ी के बारे में अपनी आँखें बंद कर रखी हैं।

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